| | | إذا كان من ترجونه تحذرونه |
| 1 | | | *** | | فكيفَ | لكمْ | بالأمنِ | والخوفُ | حاصلُ |
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| 2 | | | وكيف | لكم | بالخوفِ | والأمن | مانعٌ |
| *** | | فقلْ | لي | ما | المعمولُ | فالعبدُ | قابلُ |
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| 3 | | | *** | | |
| 4 | | | *** | | هو | الغرض | المطلوبُ | فالأصل | مائل |
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| 5 | | | فلولا | وجودُ | الميلِ | لمْ | تكُ | عيننا |
| *** | | ولا | ينكرُ | العالمينَ | إلا | الأسافلُ |
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| 6 | | | *** | | عن | السيِّد | المختارِ | ما | أنا | قائل |
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| 7 | | | سألتُ | رسولَ | اللهِ | في | الأمرِ | قالَ | لي |
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| 8 | | | *** | | هو | الحقُّ | لا | عنهم | وهنَّ | الفواضل |
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| 9 | | | *** | | أتتكم | به | الأرسال | والحقُّ | فاصل |
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| 10 | | | فمنْ | شاءَ | فيرحلْ | ومنْ | شاءَ | فليقمْ |
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| 11 | | | *** | | |
| 12 | | | *** | | |
| 13 | | | *** | | |
| 14 | | | *** | | بإشبيلة | الغرّاء | في | العلمِ | كامل |
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| 15 | | | فقالَ | لنا | علمُ | الحروفِ | دليلنا |
| *** | | على | أنك | الندبُ | الإمامُ | الحُلاحل |
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| 16 | | | فلستَ | ترى | في | الرُّقم | حرفاً | مسطراً |
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| 17 | | | *** | | يراهُ | على | التعيينِ | منْ | هوَ | عاملُ |
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| 18 | | | بما | في | حروفِ | الرقمِ | واللفظِ | عالمٌ |
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| 19 | | | *** | | |
| 20 | | | *** | | إذا | هي | حلَّت | بالنفوسِ | النوازل |
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